कानपुर। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार आज अपनी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। खबरों की कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट, अभद्रता, धमकी और झूठे मुकदमों की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
पत्रकार संगठनों ने सरकार से मांग की है कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाया जाए और पत्रकारिता के दौरान किसी पत्रकार के साथ उत्पीड़न होने पर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पत्रकारों की प्रमुख मांगें:
1. पत्रकार सुरक्षा कानून तत्काल लागू किया जाए।
2. पत्रकारों को स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा मिले।
3. जरूरतमंद एवं वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन योजना लागू हो।
4. पत्रकारों पर दर्ज फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा हो।
5. पत्रकारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले।
6. पत्रकारों के साथ अभद्रता और मारपीट करने वालों पर कार्रवाई हो।
7. छोटे समाचार पत्रों एवं डिजिटल मीडिया के पत्रकारों के हितों की रक्षा हो।
STAR CRIME NEWS CHANNEL की आवाज
पत्रकार समाज की आवाज बनकर जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाता है। इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
सवाल सरकार से है—पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के लिए ठोस कानून कब बनेगा?

